बिहार में महिला शिक्षक बनने का सपना देखने वाली उम्मीदवारों ने BPSC (Bihar Public Service Commission) के खिलाफ जबरदस्त हल्ला बोला है। इसका मुख्य कारण TRE-4 (Teacher Recruitment Examination-4) में कथित अनियमितताएं और देर से अपडेटेड नोटिफिकेशन हैं। महिला अभ्यर्थियों ने राज्य के विभिन्न जिलों में सड़कों पर उतरकर सरकार और BPSC से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
TRE-4 परीक्षा पर महिलाओं की नाराजगी
TRE-4 परीक्षा को लेकर कई महिला अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर विरोध जताया। उनका कहना है कि नोटिफिकेशन और आवेदन प्रक्रिया में देरी के कारण उनके करियर पर असर पड़ रहा है।
- अनियमितताएं: कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि आवेदन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई।
- वेतन और पद: महिला उम्मीदवारों का कहना है कि TRE-4 के तहत चयनित शिक्षक पदों की संख्या पर्याप्त नहीं है।
- समय पर सूचना नहीं: BPSC की ओर से समय पर जानकारी न मिलने से कई अभ्यर्थी आवेदन से वंचित हो गए।
सड़क पर उतरी उम्मीदवार
पटना, गया, और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में महिला उम्मीदवारों ने प्रदर्शन किया।
- पटना: महिला अभ्यर्थियों ने BPSC कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री तक अपनी मांग पहुंचाने की अपील की।
- गया: उम्मीदवारों ने धरना देकर TRE-4 में पारदर्शिता की मांग की।
- मुजफ्फरपुर: अभ्यर्थियों ने पैदल मार्च निकाला और सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई।
प्रमुख मांगें
महिला उम्मीदवारों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
| क्रमांक | मांग | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | आवेदन प्रक्रिया में सुधार | TRE-4 के लिए आवेदन फॉर्म सही समय पर उपलब्ध कराए जाएं |
| 2 | पदों की संख्या बढ़ाई जाए | महिलाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करें |
| 3 | पारदर्शिता | चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का पक्षपात न हो |
| 4 | समय पर सूचना | सभी नोटिफिकेशन और अपडेट समय पर जारी किए जाएं |
BPSC की प्रतिक्रिया
BPSC की ओर से कहा गया है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि TRE-4 परीक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम पारदर्शी ढंग से उठाए जा रहे हैं और जल्द ही परिणाम और अपडेट जारी किए जाएंगे।
क्या आगे होगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर BPSC ने महिलाओं की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो प्रदर्शन और विरोध और तेज़ हो सकता है। TRE-4 के लिए समय पर कार्रवाई न होने से शिक्षक भर्ती में देरी और अभ्यर्थियों की नौकरी मिलने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
निष्कर्ष
महिला शिक्षक उम्मीदवारों का संघर्ष यह दर्शाता है कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता कितनी महत्वपूर्ण है। TRE-4 के मुद्दे ने दिखा दिया कि महिलाएं अपने हक के लिए किसी भी हद तक आवाज उठा सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। TRE-4 परीक्षा और BPSC से संबंधित अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें।